चुनाव से पहले उत्तराखंड में ईवीएम की जानकारी देंगे अधिकारी, 13 जिलों में बनेंगे प्रदर्शन केंद्र
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट के इस्तेमाल की जानकारी देने के लिए 16 नवंबर से प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत सभी 13 जिलों के निर्वाचन कार्यालयों में ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर शुरू होंगे। वहीं, मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन के जरिए सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के दूरस्थ इलाकों में भी मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी।
यह अभियान 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक प्रस्तावित है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी जिलों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला निर्वाचन कार्यालयों को प्रदर्शन केंद्रों की व्यवस्था करने और मोबाइल वैन के माध्यम से प्रचार-प्रसार की योजना लागू करने को कहा गया है।
मतदाताओं को डेमो के जरिए समझाई जाएगी प्रक्रिया
ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंटर में मतदाता मशीनों की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे। उन्हें बताया जाएगा कि बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट किस तरह काम करती हैं तथा वीवीपैट के माध्यम से वोट की पुष्टि किस प्रकार होती है। मोबाइल वैन भी इसी तरह की जानकारी लेकर गांवों और कस्बों तक पहुंचेगी।
निर्वाचन विभाग का उद्देश्य है कि मतदाता मतदान से पहले मशीनों के इस्तेमाल को समझ सकें। इससे मतदान प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने और लोगों की शंकाओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में 25 हजार से अधिक वीवीपैट मशीनें
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। इनके लिए 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। प्रदेश के सभी 13 जिलों में चुनावी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए संसाधनों की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है।
15 दिसंबर तक चलेगा अभियान
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से शुरू होने वाला अभियान 15 दिसंबर तक सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। इस दौरान मोबाइल वैन के माध्यम से दूरस्थ गांवों और कस्बों को भी कवर करने की योजना है। निर्वाचन विभाग ने जिलों को निर्देश दिए हैं कि अभियान को निर्धारित समय में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।
विधानसभा चुनाव से पहले ईवीएम जागरूकता की यह पहल मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



